अगली पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य को ध्यान में रखना होगा : संयुक्त राष्ट्र महासभा प्रमुख…

अगली पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य को ध्यान में रखना होगा : संयुक्त राष्ट्र महासभा प्रमुख…

 संयुक्त राष्ट्र, 13 सितंबर। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के निवर्तमान प्रमुख अब्दुल्ला शाहिद ने सदस्य देशों से वैश्विक शांति एवं न्याय सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अगली पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके लिए संघर्ष करना जरूरी है।

 सोमवार को यूएनजीए के 76वें सत्र के समापन समारोह के दौरान शाहिद ने उपस्थित प्रतिनिधियों से उम्मीद बनाए रखने और समस्या के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र से आस लगाने वालों को निराश नहीं करने का अनुरोध किया।

 मालदीव के विदेश मंत्री शाहिद ने कहा, ‘‘वैश्विक शांति एवं न्याय सुनिश्चित करने की कोशिश की जाए और अगली पीढ़ी की आकांक्षाओं, भविष्य, उनकी धरती को सुरक्षित रखने का प्रयास करना जरूरी है। ये हमारी खुद के प्रति, अपने साथियों के प्रति, हमारे अपने बच्चों के प्रति, हमारे परपोतों के प्रति, मानवता के प्रति जिम्मेदारी है कि हम उम्मीद का दामन थामे रखें। ’’

 शाहिद को पिछले साल जून में 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था, जिसमें उन्हें 191 मतों में से 143 मत प्राप्त हुए थे।

 हंगरी के राजनयिक साबा कोरोसी उनकी जगह लेंगे जिन्हें जून में 77वें यूएनजीए का अध्यक्ष नामित किया गया था और उनका कार्यकाल मंगलवार से शुरू हुआ है।

 इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने समापन समारोह के दौरान अपने संबोधन में वैश्विक कोविड-19 महामारी और मंकीपॉक्स के रूप में एक और स्वास्थ्य आपात स्थिति के उत्पन्न होने तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र किया।

 उन्होंने गरीबी, असमानता गहराने से विकास बाधित होने और विकासशील देशों के निरंतर उबरने की राह में बाधक बने नैतिक रूप से एक दिवालिया वैश्विक वित्तीय व्यवस्था का उदाहरण दिया।

हिन्द वतन समाचार” की रिपोर्ट…