अच्छे करियर के साथ बेहतरीन सैलरी मिलती है एनर्जी सेक्टर में…
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एनर्जी सेक्टर एक ऐसा सेक्टर है जिसमें न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में कहीं भी नौकरियों की कमी नहीं है। यहां इस सेक्टर की संभावनाओं पर रोशनी डाल रहे हैं यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड इंटरनैशनल बिजनेस के एचओडी डॉ हीरनमॉय रॉय।
डॉ हीरनमॉय रॉय के मुताबिक भारत में एनर्जी सेक्टर में आगे काफी ग्रोथ की संभावनाएं और इस सेक्टर में जाने के लिए छात्रों को कुछ खास कोर्सेस करने की जरुरत पड़ेगी। एनर्जी सेक्टर में बीटेक पावर, एमबीए ऑयल एंड गैस, एम ए एनर्जी इकोनॉमिक्स, सौलर एनर्जी आदि से जुड़े कई कोर्स होते हैं लेकिन आने वाले समय में सबसे ज्यादा संभावनाएं सोलर एनर्जी में है इसलिए छात्रों को इसी कोर्स का चुनाव करना चाहिए। भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना है तो बिना एनर्जी सेक्टर को रिवाइव किए इस आंकड़े को पाना मुश्किल है।
कौनसे कोर्स करें
डॉ हीरनमॉय रॉय के मुताबिक छात्र बीटेक इन पावर मैनेजमेंट, एमबीए इन पावर मैनेजमेंट और एनर्जी लॉ जैसे कोर्स कर सकते हैं। कोर्स देश में कई जगह से किया जा सकता है। देहरादून के यूपीएस में दाखिले के लिए छात्रों को कैट और मैट जैसी परीक्षाएं पास करनी होंगी।
क्या है संभावनाएं
भारत के एनर्जी सेक्टर में सन 2000 से 2019 के बीच 14.32 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया है। सरकार इस सेक्टर पर खासा ध्यान दे रही है जिसके कारण आने वाले समय में इस सेक्टर में निवेश और बढ़ेगा। जिससे नौकरी की संभावनाए भी बढ़ेंगी। 2022 तक भारत सरकार का नवीकरणीय ऊर्जा (सौलर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि) की क्षमता को बढ़ाकर 175 गीगावॉट करना है। इसमें 100 गीगावॉट सौलर पावर और 60 गीगावॉट पवन ऊर्जा शामिल है। वहीं भारत की कोल आधारित क्षमता 2040 तक 191 गीगावॉट से बढ़कर 400 गीगावॉट होने की संभावना है।
शुरुआती सैलरी
डॉ हीरनमॉय रॉय के मुताबिक छात्र को शुरुआत में 5-10 लाख का पैकेज मिल जाता है जो बढ़कर 20-25 लाख सालाना भी हो जाता है। कई छात्रों को शुरू में 12 लाख सालाना तक का पैकेज भी मिला है।
हिन्द वतन समाचार की रिपोर्ट…