कोरोना के साथ ही बर्ड फ्लू का हौवा खड़ा करके पोल्ट्री व्यवसाय को किया जा रहा है तबाह…

कोरोना के साथ ही बर्ड फ्लू का हौवा खड़ा करके पोल्ट्री व्यवसाय को किया जा रहा है तबाह…

चिकन खाने से नहीं फैलता रोग, आखिर कैसे दिलाएं लोगों को भरोसा- फ्री में भी बांट रहे मुर्गे…

लखनऊ। कोरोना…! कोरोना…! और अब बर्ड फ्लू का हौवा, आखिर अफवाहों पर कब लगेगी रोक ? आजकल हर जगह बस कोरोना का ही खौफ छाया हुआ है। जहां लोग इसको लेकर भयभीत हैं, वहीं कोरोना के आतंक के चलते तमाम व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं, सबसे ज्यादा देश भर के पोल्ट्री फॉर्म किसान परेशान हैं। एक ओर जहां अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि चिकन-अंडा या मीट खाने से कोरोना वायरस के लक्षण मनुष्य में हो सकते हैं, वहीं कुछ अधिकारी अपने तुगलुकी फरमानों से चिकन-मीठ व्यवसाय को पूरी तरह से बर्बाद करने पर ऊतारु हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी कह चुके हैं कि चिकन व अंडा खाने से कोरोना वायरस फैलने का कोई खतरा नहीं न ही ऐसी कोई डाॅक्टरी रिपोर्ट अब तक सामने आई है। उन्होने यह भी कहा कि वे खुद चिकन-अंडा बराबर खाते रहते हैं।
इस बीच केरल सरकार की ओर से भी चिकन को लेकर एक तुगलुकी फरमान सामने आया है जिसमें कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू का हौवा खड़ा करके मुर्गे-मुर्गियों को मारने के आदेश दिए गए हैं। केरल के परप्पनंगडी के रोग निरीक्षण अधिकारी का कहना है कि बर्ड फ्लू वाले क्षेत्रों के एक किमी के दायरे में मुर्गा-मुर्गियों को मारने के लिए 10 विशेष दस्तों को तैनात किया गया है। यही नहीं जिला कलेक्टर के आदेश से प्रभावित क्षेत्र के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में अंडा, चिकन और पालतू जानवरों के बेचने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया है।
ऐसे तुगलुकी फरमानो से देश के पोल्ट्री फॉर्म किसानों की मुसीबत और बढ़ जाएगी। यूपी के पोल्ट्री किसान तो पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं। पोल्ट्री जानकारों का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने में लगभग सवा लाख करोड़ रूपए का नुकसान पोल्ट्री व्यापार करने वाले उठा चुके हैं। लखनऊ के अवध पोल्ट्री ऐसोसिएशन के अध्यक्ष मो. फिरोज शेख व उपाध्यक्ष युसुफ फुरकान, प्रवक्ता डाक्टर मुकेश बहादुर सिंह एवं संरक्षक मयंक रस्तोगी का कहना है कि अफवाहों ने हमारे कारोबार को तबाह कर दिया है। समय रहते अगर सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया तो करोड़ों लोग जो इस व्यवसाय से कमा-खा रहे हैं, बेरोजगार हो जायेंगे। इन सभी का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में पोल्ट्री व्यवसाय का भी बहुत बड़ा योगदान है।
यूपी के साथ ही देश भर के पोल्ट्री किसान राज्य सरकारों एवं अधिकारियों के तुगलुकी फरमानों से बुरी तरह से परेशान हैं। मध्य प्रदेश के मंडला में तो लोगों को अफवाहों से बचाने एवं उनमें भरोसा जगाने के लिए पोल्ट्री व्यवसायियों ने साप्ताहिक बाजार में हजारों मुर्गे-मुर्गियां फ्री में बांट डाले‌। यहां बाकायदा माइक से एलाउंस किया गया कि ” अफवाह से बचो-फ्री में मुर्गा ले जाओ” और पोल्ट्री व्यवसायियों ने लोगों को रोक-रोककर मुर्गे बांटे। इस सबके बावजूद कहीं कोरोना तो अब ऊपर से बर्ड फ्लू का हौवा खड़ा करके पोल्ट्री किसानों की कमर तोड़ने पर पूरी तरह से उतारू हैं अधिकारी।

*पोल्ट्री किसानों की हिम्मत ने कम* *किया करोना का भय ।*
13 तारीख से खुद अवध पोल्ट्री के अध्यक्ष फिरोज शेख मंडल अध्यक्ष मोबीन व पोल्ट्री किसान मीनू कुमार वर्मा सुहैल राना व बाराबंकी में अशोक गुरनानी महमूद जी ने बाजारों वह गांव में सस्ता मुर्गा देकर लोगों जागरूक किया और लोगों ने खूब मुर्गा लिए कुछ लोग तो बोले की अफवाह ने पोल्ट्री को बर्बाद किया ।

 

विशेष संवाददाता विजय आनंद वर्मा के साथ राकेश वर्मा “बब्बू” की रिपोर्ट, , ,